नई दिल्ली : आईपीएल के स्पॉट फिक्सिंग मामले में पूर्व कप्तान एमएस धोनी पर गंभीर आरोप लगाने वालों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं. दरअसल मद्रास हाईकोर्ट ने धोनी की ओर से दायर 10 साल पुराने मानहानि केस में सुनवाई शुरू करने के आदेश दे दिए हैं. धोनी ने दो बड़े मीडिया संस्थान एक मशहूर पत्रकार और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार के खिलाफ 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए ये केस दायर किया था. आरोप है कि इन लोगों ने धोनी का नाम आईपीएल सट्टेबाजी घोटाले में घसीटा था. सोमवार को जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन ने एक अधिवक्ता आयुक्त नियुक्त किया है जो चेन्नई में सभी पक्षों और उनके वकीलों के लिए सुविधाजनक स्थान पर धोनी के सबूत दर्ज करेगा. अधिवक्ता आयुक्त की नियुक्ति इसलिए की गई, क्योंकि धोनी के सेलिब्रिटी होने के कारण उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से हाईकोर्ट में अव्यवस्था हो सकती है.