मोदी 3.0 सरकार में पीयूष गोयल ऐसे चेहरे हैं, जिनके पास हर मर्ज की दवा होती है। चाहे सरकार का मामला हो फिर सदन और संगठन का, जहां जरूरत होती है, वहां गोयल नजर आते हैं। कभी सदन में प्रभावी फ्लोर मैनेजर के रूप में तो कभी सरकार में अतिरिक्त मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभाते हुए तो कभी भाजपा के चुनाव अभियानों में हाथ बंटाते हुए…। परफॉर्मर होने के कारण प्रधानमंत्री मोदी कई मौकों पर उनके कंधे पर बड़ी जिम्मेदारियां डाल चुके हैं। मिसाल के तौर पर जब अरुण जेटली गंभीर रूप से अस्वस्थ हुए तो गोयल को ही वित्त मंत्री की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी और उन्होंने आगे अंतरिम बजट भी पेश किया। गोयल ने रेल मंत्री रहते रेल दुर्घटना में शून्य यात्री मृत्यु का अब तक का सर्वाेत्तम सुरक्षा रिकॉर्ड बनाया।