नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आए तो विश्लेषकों ने जो उम्मीद लगाई, वो पहले ही भाषण में पूरी होती दिखी। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं में मायूसी की घटा हटाने के लिए खूब जोशीला भाषण दिया। दूसरी तरफ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर हमलों की बौछार कर दी। केजरीवाल ने बड़ी चालाकी से बीजेपी के नाभिनाल पर कड़ा प्रहार किया तो केंद्र में सत्ताधारी इस दल के मौजूदा दौर की सबसे बड़ी ताकत को भी कमजोर करने का भरपूर प्रयास करते दिखे। केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से हटाए गए बीजेपी नेताओं की लिस्ट में योगी आदित्यनाथ का नाम अपनी तरफ से जोड़ा। यह केजरीवाल की तरफ से उन मतदाताओं के मन में संदेह पैदा करने की बड़ी चाल है जो वोट डालते वक्त हिंदुत्व को सबसे आगे रखते हैं। दूसरी तरफ, दिल्ली सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर यह कहकर सवाल उठाया कि मोदी अगले वर्ष 17 सितंबर को 75 वर्ष के हो जाएंगे और खुद अपने ही फॉर्मुले के अनुसार वो राजनीति से हट जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि तब बीजेपी जीतती है तो प्रधानमंत्री कौन होगा? उन्होंने इसका जवाब भी दिया- अमित शाह। केजरीवाल ने कहा, बीजेपी को वोट देने जा रहे हैं तो यह मानकर वोट दीजिएगा कि आप मोदी के चेहरे पर नहीं, अमित शाह को पीएम बनाने के लिए वोट दे रहे हैं।