बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य में धान की खरीदी खत्म हो गई है। धान खरीदी खत्म होने के 50 दिनों बाद भी प्रदेश में 12 लाख टन धान का उठाव नहीं हो सका है। प्रदेश की 100 से अधिक सहकारी समितियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थी। इसमें मार्कफेड पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए समितियों ने करोड़ों रुपए का धान बरबाद होने की आशंका जताई थी। हाईकोर्ट ने अब अपने फैसले में सरकार को निर्देश दिया है कि 30 दिन में प्रदेश की समितियों में पड़े धान का उठाव हर हाल में किया जाए।
प्रकरण की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार के साथ ही मार्कफेड के एमडी को नोटिस जारी किया था। मार्कफेड की ओर से जवाब में कहा गया कि धान के उठाव के लिए लगातार डीओ जारी किए गए हैं। राइस मिलर्स के माध्यम से उठाव जारी है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद 30 दिनों में प्रदेश की समितियों में पड़े धान का उठाव हर हाल में करने का आदेश जारी किया है।