जयपुर. फ्रांस में हाल में संपन्न ओर्लियंस मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीत कर लौटे युवा भारतीय शटलर प्रियांशु राजावत अपनी इस जीत का श्रेय दिग्गज पुलेला गोपीचंद को देते हैं। प्रियांशु ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि मैं आज इस मुकाम पर सिर्फ गोपी सर की वजह से ही पहुंचा हूं। 73 साल बाद ऐतिहासिक थॉमस कप जीत में भारतीय बैडमिंटन टीम के सदस्य रहे प्रियांशु ने कहा कि उस जीत ने भारतीय बैडमिंटन में नई जान फूंक दी थी। थॉमस कप की ऐतिहासिक जीत के बाद मेरे खेल का स्तर काफी ऊंचा हुआ है, उसी की बदौलत मैं ओर्लियंस में निडर होकर खेल सका।
थॉसम कप मेरे करियर का सबसे बड़ा टूर्नामेंट था, मुझे वहां काफी सीखने को मिला। उस दौरान मुझे सीनियर्स का साथ मिला, जो काफी अनुभवी थे। उसके बाद से लगातार मैं किदांबी श्रीकांत और एचएस प्रणय जैसे सीनियर्स के साथ अभ्यास करता हूं, इससे मुझे दबाव से निपटने में मदद मिलती है। उनसे ही मैंने सीखा है कि खिलाड़ी चाहे कितना ही बड़ा क्यों ना हो आप बस अपना 100 फीसदी दो ताकि दबाव आप पर हावी ना हो।