मैं ये जानता था कि मधुबाला किसी और के प्यार में हैं, लेकिन इसके बाद भी मैं ये स्वीकार करना चाहता हूं कि मैं उनसे पागलों की तरह प्यार करने लगा था। इसके लिए किसी को दोष नहीं दिया जा सकता था, क्योंकि मैंने उनसे खूबसूरत महिला कभी नहीं देखी।
ये बात शम्मी कपूर ने अपनी बायोग्राफी ‘शम्मी कपूर द गेम चेंजर’ में ‘वीनस ऑफ द स्क्रीन’ मधुबाला के लिए लिखी थी। ये मधुबाला की सुंदरता का ही जादू था कि शम्मी कपूर उन्हें प्यार करने से खुद को रोक नहीं पाए। मधुबाला की खूबसूरती का आलम ये था कि एक बार उनके डांस टीचर जो शुद्ध शाकाहारी थे वो उन्हें देखते-ही-देखते नाश्ते में नॉन-वेज खा गए थे।
मधुबाला के लाखों चाहने वाले थे, लेकिन बदकिस्मती ही कहा जाए कि उन्होंने जिसे भी चाहा, उसका साथ उन्हें कभी नसीब नहीं हुआ। उनके पिता उनकी शादी दिलीप कुमार से कराने को राजी नहीं थे, लेकिन शादीशुदा कमाल अमरोही से निकाह कराने को तैयार थे।