ईरान में दो हिजाब विरोधी प्रदर्शनकारियों को फांसी पर चढ़ा दिया गया। ईरान की मिजान न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मोहम्मद माहदी करामी और सैयद मोहम्मद होसैनी को 7 जनवरी की सुबह फांसी दी गई। इन दोनों पर पैरामिलिट्री फोर्स के जवान को जान से मारने का आरोप था। कोर्ट ने इन्हें दिसंबर में मौत की सजा सुनाई थी। 3 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इनकी सजा को बरकरार रखा था।
3 नवंबर को हुई थी रूहुल्लाह की हत्या
3 नवंबर को कराज में लोगों का एक समूह हिजाब विरोधी प्रदर्शन के दौरान मारे गए हदीस नजफी को याद करने के लिए इकट्ठा हुआ था। इस समूह के लोगों पर रूहुल्लाह अजामियां को निर्वस्त्र करके जान से मारने का आरोप है। इस मामले में कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था लेकिन करामी और होसैनी को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
रूहुल्लाह बासिज मिलिशिया का सदस्य था। ये संगठन ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ा हुआ है।