चीन ने पिछले 24 घंटों में ताइवान में 71 लड़ाकू विमानों से समुद्री और हवाई ड्रिल्स की हैं। इनमें 60 से ज्यादा फाइटर जेट्स शामिल थे। ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने इसे चीन की तरफ से की गई सबसे बड़ी घुसपैठ की कोशिश बताया है।
वहीं चीन की सेना ने कहा कि ये हवाई और समुद्री ड्रिल्स अमेरिका के भड़कावे की कोशिशों के जवाब में की गई हैं। हालांकि चीनी सेना ने यह नहीं बताया कि अमेरिका ने उन्हें भड़काने के लिए क्या किया है। वहीं चीनी न्यूज एजेंसी ग्लोबल टाइम्स ने बताया इस घुसपैठ के पीछे अमेरिका के डिफेंस बजट को वजह माना है। इसमें लिखा गया है कि अमेरिका ने डिफेंस बजट में ताइवान के लिए जो 82 हजार करोड़ रुपए की मदद देने की बात कही है उसे चीन बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा।
चीन ने जो विमान भेजे उनमें ड्रोन भी शामिल
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट में बताया कि चीन ने जो विमान भेजे हैं उनमें 6 SU-30 लड़ाकू विमान, परमाणु हमला करने में माहिर H-6 बॉम्बर और ड्रोन शामिल थे। चीन ने ताइवान के एयर स्पेस में अपने फाइटर जेट्स से 47 बार घुसपैठ की। अलजजीरा के मुताबिक इन युद्धाभ्यासों के बाद जारी बयान में ताइवान ने कहा की चीन पूरे इलाके की शांति को खतरे में डाल रहा है और उनके लोगों को डराने की कोशिश कर रहा है।