अफगानिस्तान में अब किसी भी NGO में महिलाएं काम नहीं कर सकेंगी। शनिवार को आए तालिबान सरकार के फरमान में बैन की वजह महिलाओं के कपड़ों लेकर मिली शिकायतों को बताया गया है। यह आदेश अर्थव्यवस्था मंत्री कारी दीन मोहम्मद हनीफ के एक पत्र में आया है, जिसमें कहा गया है कि आदेश का पालन नहीं करने पर अफगानिस्तान में NGO का ऑपरेटिंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
हिजाब न पहनने की मिली शिकायतें
सभी NGO को भेजे गए नोटिफिकेशन में कहा गया है, “राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में काम कर रही महिलाओं के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली हैं कि वे इस्लामी हिजाब और अन्य नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। इसलिए अर्थव्यवस्था मंत्रालय… सभी संगठनों को निर्देशित करता है कि अगली सूचना तक महिलाओं को काम करने से रोक दिया जाए।”
हालांकि अभी यह साफ नहीं हो सका है कि तालिबान का यह निर्देश NGO में काम कर रही विदेशी महिला कर्मचारियों के लिए भी है या नहीं। अभी तक दो इंटरनेशनल और नेशनल लेवल के NGO ने आदेश मिलने की पुष्टि की है।