श्रीलंका में गहराए आर्थिक संकट के खिलाफ वहां के नागरिकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इधर, विपक्ष ने भी राजपक्षे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। श्रीलंका के विपक्ष के नेता और समागी जाना बालवेगया (SJB) के नेता साजिथ प्रेमदासा ने शनिवार को कहा कि संसद के अगले सत्र के दौरान प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि श्रीलंका में आर्थिक संकट सरकार की गलत नीतियों के चलते पैदा हुआ। वे लोग सरकार चलाने के काबिल नहीं, उन्हें अपने घर वापस चले जाना चाहिए।
कोलंबों पेज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेमदासा ने सरकार के खिलाफ यह घोषणा समागी बाला मार्च कार्यक्रम के दौरान की। यह कार्यक्रम श्रीलंका के यक्कला में SJB के तरफ से आयोजित की गई थी। प्रेमदासा ने 11 अप्रैल को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ इंपिचमेंट मोशन (महाभियोग प्रस्ताव) और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। 26 अप्रैल को श्रीलंका के कैंडी से शुरू हुआ समागी बाला मार्च, 1 मई दिवस पर खत्म होगा।
आजादी के बाद सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा श्रीलंका
कोलंबो पेज ने कहा कि विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा और समागी जन बालवेगया का प्रतिनिधित्व करने वाले हजारों लोग मार्च में भाग ले रहे हैं। श्रीलंका आजादी के बाद से अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। खाने-पीने और ईंधन की कमी, बढ़ती महंगाई और बिजली कटौती के चलते बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप सरकार की स्थिति से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।