अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को यूक्रेन विवाद पर एक अहम फैसला किया। बाइडेन ने व्हाइट हाउस में पेंटागन के अफसरों के साथ एक इमरजेंसी मीटिंग के बाद 2 हजार अमेरिकी सैनिकों के जर्मनी और पोलैंड में तैनात करने का आदेश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सैनिक बहुत जल्द इन देशों के लिए रवाना हो जाएंगे। बाइडेन का फैसला इसलिए अहम हो जाता है, क्योंकि अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन मसले पर बातचीत अटक गई है। दूसरी तरफ, रूस यूक्रेन को तीन तरफ से घेर रहे है। अमेरिका और नाटो को आशंका है कि रूसी सैनिक बेलारूस की सीमा से यूक्रेन पर हमला बोल सकते हैं। यहां करीब 13 हजार रूसी सैनिक तैनात हैं। इस बीच ब्रिटेन और कनाडा ने भी अपने और सैनिक यूक्रेन भेजे जाने को मंजूरी दे दी है।
रूस भी लगातार यूक्रेन बॉर्डर के पास मिलिट्री डेवलपमेंट कर रहा है। बुधवार को जारी की गई सैटेलाइट इमेज से इस बात का खुलासा हुआ है। इसमें क्रीमिया से लगी यूक्रेन बॉर्डर के पास रूसी मिलिट्री के नया इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट नजर आ रहा है। डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि रूस ने यूक्रेन की उत्तर, पूर्व और दक्षिण की सीमा पर घेराबंदी की है।
पूर्वी यूरोप पर फोकस
अमेरिका को आशंका है कि यूक्रेन और रूस के बीच अगर जंग छिड़ती है तो इसकी आंच ईस्टर्न यूरोप तक पहुंचेगी। यही वजह है कि बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन इससे निपटने की तैयारी में जुट गई है। ताजा फैसला जर्मनी और पोलैंड में अमेरिकी सैनिकों की तादाद बढ़ाने का है।