रिसर्च में दावा- सबसे पहले गले में पाया जाता है वायरस

रिसर्च में दावा- सबसे पहले गले में पाया जाता है वायरस

कोरोना वायरस संक्रमण होने के बाद शरीर में लक्षण कितने दिन में आते हैं? इस सवाल पर हर किसी को बहुत कंफ्यूजन रहता है। महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक वैज्ञानिक कई बार इसका जवाब बदल चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वायरस से एक्सपोज होने के 5-6 दिन बाद लक्षणों का अनुभव होता है। लेकिन ब्रिटेन में हुई एक नई रिसर्च कहती है कि अब ये लक्षण केवल 2 दिन में ही दिखाई देने लगे हैं।

रिसर्च में 36 लोगों को किया गया वायरस से संक्रमित

सरकारी फंडिंग की मदद से इस रिसर्च को इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने किया है। इसमें 18 से 29 साल की उम्र के 36 लोगों को शामिल किया गया। इन्हें लंदन के रॉयल फ्री हॉस्पिटल में 14 दिन क्वारैंटाइन रखकर नाक के जरिए कोरोना वायरस दिया गया। इसके पहले इन वॉलंटियर्स को कभी संक्रमण नहीं हुआ था।

रिसर्च के मुताबिक, इस प्रक्रिया से 53% वॉलंटियर्स को कोरोना की बीमारी हुई। इनमें 16 लोग ऐसे थे जिन्हें माइल्ड जुकाम जैसे लक्षण आए। कोई भी मरीज गंभीर रूप से बीमार नहीं हुआ। वैज्ञानिकों ने पाया कि मरीजों में सबसे पहले वायरस गले में डिटेक्ट किया जा सकता है। इसके लक्षण 5वें दिन अपनी पीक पर होते हैं क्योंकि तब वायरस की मात्रा नाक में बढ़ जाती है।

सबसे पहले गले में आते हैं कोरोना के लक्षण

स्टडी के लीड एक्सपर्ट क्रिस चियु कहते हैं कि कोरोना इन्फेक्शन होने के 2 दिन के अंदर ही वायरस के लक्षण आ जाते हैं। सबसे पहले लोगों को गले में परेशानी होती है और उसके बाद नाक में। इसके बाद वायरस का लोड बहुत तेजी से बढ़ता है। चियु के अनुसार, रिसर्च के दौरान जिन लोगों में वायरस के कोई लक्षण नहीं आए, उनकी इम्यूनिटी दूसरों के मुकाबले काफी अच्छी है।

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