नई दिल्ली
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) अपनी गैसीफिकेशन अंडरटेकिंग (Gasification Undertaking) को एक सहायक कंपनी (wholly-owned subsidiary) में ट्रांसफर करेगी। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की अगुवाई वाली इस कंपनी के बोर्ड ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। इस खबर के आने के बाद आज कंपनी के शेयरों में करीब 6 फीसदी तक उछाल देखी गई।
दोपहर बाद 1.40 बजे रिलायंस का शेयर बीएसई (BSE) पर 5.80 फीसदी तेजी के साथ 2487.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। कंपनी ने कहा था कि वह सऊदी अरामको के साथ 15 अरब डॉलर की प्रस्तावित डील की समीक्षा कर रही है। इसके बाद सोमवार और बुधवार को कंपनी के शेयरों में गिरावट आई थी। लेकिन आज की तेजी से काफी हद तक इस नुकसान की भरपाई हो गई है। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 2495.95 रुपये तक चला गया था।
क्या है कंपनी की योजना
रिलायंस के बोर्ड ने 24 नवंबर को कंपनी की गैसीफिकेशन अंडरटेकिंग (Gasification Undertaking) को पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (WOS) को ट्रांसफर करने की योजना को मंजूरी दे दी। बोर्ड ने रिलायंस इंडस्ट्रीज, उसके शेयरधारकों और क्रेडिटर्स तथा रिलायंस सिनगैस (RSL) और इसके शेयरधारक और क्रेडिटर्स के बीच एक योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। RSL रिलायंस इंडस्ट्रीज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। RIL ने RSL के 10 रुपये के 100,000 इक्विटी शेयरों में 10,00,000 रुपये कैश निवेश किया है।