टीम इंडिया के नए हेड कोच राहुल द्रविड़ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज से पहले अपना रोल निभाना शुरू कर दिया है। रवि शास्त्री के मार्गदर्शन में टी-20 वर्ल्ड कप में नाकामी का सामना करने वाली टीम इंडिया अब द्रविड़ के हवाले है, जो क्रिकेट की दुनिया में “द वॉल’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। शास्त्री के बाद ये जिम्मा संभालना द्रविड़ के लिए लड़खड़ाई टीम के लिए 3 नंबर पर बल्लेबाजी करने जैसा ही है। टीम में टैलेंट और अनुभव की कमी नहीं है, लेकिन हालिया नाकामी से इंडिया को उबारना द्रविड़ के लिए चुनौती से कम नहीं है।
पहली चुनौती: ICC खिताब जीतना
वन डे, टेस्ट और टी-20 वर्ल्ड कप में से कोई भी खिताब भारतीय टीम को नहीं मिला है। 2011 वर्ल्ड कप खिताब के बाद 2013 में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी और इसके बाद ऐसा कोई टूर्नामेंट टीम ने नहीं जीता। कोच के तौर पर रवि शास्त्री और कैप्टन के तौर पर कोहली की भी यही नाकामी रही है। द्रविड़ के सामने बड़ी चुनौती टीम इंडिया को विनिंग ट्रैक पर वापस लाना है। उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में भी न पहुंचने वाली टीम के प्लेयर्स को मैच विनर में तब्दील करना होगा।