नई दिल्ली
Petrol-Diesel Price: केंद्र की मोदी सरकार ने हाल में ही आम आदमी को राहत देने के हिसाब से पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹5 की और डीजल पर ₹10 की कटौती की है। अगर चालू वित्त वर्ष के बाकी बचे दिनों की बात करें तो केंद्र सरकार को इस हिसाब से 45,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। ब्रोकरेज फर्म नोमूरा द्वारा जारी एक नोट में कहा गया है कि यह रकम भारत की जीडीपी का 0.2% है।
केंद्र सरकार के मुताबिक पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹5 और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 कम की जा रही है। पहले ही भारी महंगाई से जूझ रहे लोगों को इस खबर से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के पीछे यह तर्क दिया था कि रबी की खेती शुरू होने वाली है और इसमें किसानों को डीजल की काफी जरूरत पड़ती है। खेत की जुताई से लेकर फसल की सिंचाई तक उन्हें काफी डीजल खरीदना पड़ता है और कीमत में राहत मिलने से उन्हें आसानी होगी।
पूरे साल में एक लाख करोड़ का नुकसान
अगर पूरे वित्त वर्ष के हिसाब से बात करें तो सरकार को Petrol-diesel पर एक्साइज घटाने की वजह से करीब एक लाख करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। देश में भारी महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए सरकार का यह फैसला राहत भरी खबर है क्योंकि इसके बाद देश में महंगाई पर लगाम लगने की उम्मीद बन गई है।