इस्लामाबाद
पाकिस्तान ने खूंखार आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सामने घुटने टेक दिए हैं। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार टीटीपी के साथ शांति समझौता करने जा रही है। इस समझौते में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार में गृह मंत्री और हक्कानी नेटवर्क के सरगना सिराजुद्दीन हक्कानी ने बड़ी भूमिका निभाई है। सिराजुद्दीन हक्कानी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का पालतू भी कहा जाता है।
वैश्विक आतंकी है सिरादुद्दीन हक्कानी
वैश्विक आतंकवादी सिराजुद्दीन हक्कानी का पाकिस्तान के साथ नजदीकी संबंध है। उसके ऊपर अमेरिका ने कई मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। लेकिन, आईएसआई के प्रभाव के कारण ही उसे लाख विरोध के बावजूद तालिबान सरकार में गृहमंत्री का ओहदा मिला। सिराजुद्दीन ही वह शख्स है, जिसके कारण उप प्रधानमंत्री मुल्ला बरादर और रक्षा मंत्री मुल्ला यूसुफ काबुल के बाहर छिपे हुए बैठे हैं। इन्हीं दोनों ने खुलकर सिराजुद्दीन का विरोध भी किया था।
अफगानिस्तान में हुई बातचीत
डॉन न्यूज ने कई स्रोतों ने बताया है कि दोनों पक्षों के बीच लगभग दो सप्ताह तक अफगानिस्तान के दक्षिण पश्चिमी प्रांत खोस्त में सीधी और आमने-सामने बैठ कर बातचीत हुई। इस बातचीत के नतीजे में देशव्यापी युद्ध विराम की घोषणा करने और टीटीपी के कुछ लड़ाकों को सशर्त रिहा करने पर सहमति बनी। हालांकि, खबर के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने आतंकियों को छोड़ा जाएगा लेकिन सूत्रों ने बताया कि दो दर्जन से अधिक को रिहा नहीं किया जाएगा।