तेरेको मेरेको मारना नहीं था. अपनी बिल्डिंग के नीचे धूल खाई कार के पीछे के कांच पर यह लाइन लिखकर 14 साल के एक नाबालिग ने अपने बड़े भाई के साथ मिलकर 14 साल के मासूम आतिफ अली को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि शुक्रवार रात से लापता बच्चे की तलाश में हत्या करने वाले आरोपी भी पुलिस और परिजनों के साथ मिलकर ढूंढने का नाटक करते रहे. लेकिन बाद में बच्चे की लाश उन्हीं आरोपियों के फ्लैट के पलंग पेटी में मिली, जिस पर हत्यारों की दादी सोई हुई थी. इस जघन्य हत्याकांड के पीछे दोनों नाबालिगों के बीच हुए पुराने विवाद को वजह माना जा रहा है.