उद्योग जगत के विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के दूरसंचार ऑपरेटर अगले दो-तीन वर्षों में नेटवर्क विस्तार से हटकर कंप्यूटिंग-इंटेंसिव डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर रुख करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस डेटा सेंटर, एज इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड फंक्शंस में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने की योजना बना रहे हैं. उनका टारगेट वेंचर रेवेन्यू ग्रोथ को कुल रेवेन्यू के 40 फीसदी तक पहुंचाना है |
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर आदित्य खैतान ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2027 के निवेश बजट का 20-30 फीसदी एआई डेटा सेंटर, एज इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड फंक्शंस के निर्माण की ओर ट्रांसफर होने की उम्मीद है | उन्होंने आगे कहा कि यह बदलाव टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच अलग-अलग होगा. टॉप की दो टेलीकॉम कंपनियों की ओर से ज्यादा देखने को मिलेगा जो अपने 5G इंवेस्टमेंट पर कैपेक्स के पीक साइकिल को पार कर चुकी हैं |