वॉशिंगटन । साल 2024 में पृथ्वी पर अंतरिक्ष से ऐसा वार हुआ जिसने वैज्ञानिक समुदाय को हिलाकर रख दिया। 10–11 मई 2024 की रात सुपरस्टॉर्म गान्नोन जिसे ‘मदर्स डे सुपरस्टॉर्म’ की ऊर्जा इतनी भयंकर थी कि पृथ्वी का प्लाज्मास्फीयर अपने सामान्य आकार के सिर्फ एक-पांचवें हिस्से जितना रह गया। सुपरस्टॉर्म गान्नोन पिछले दो दशकों का सबसे ताकतवर भूचुंबकीय तूफान साबित हुआ। जापान की जाक्सा एजेंसी का अरासे सैटेलाइट सही समय पर तूफान की सीधी लाइन में मौजूद था और इसने पहली बार सुपरस्टॉर्म के पूरे प्रभाव को विस्तार से मापा। डेटा दिखाता है कि प्लाज्मास्फीयर 44,000 किलोमीटर से सिकुड़कर मात्र 9,600 किलोमीटर तक सिमट गया—इतनी तेज गिरावट पहले कभी रिकॉर्ड नहीं हुई थी। वैज्ञानिकों के अनुसार यह सुपरस्टॉर्म सूरज से निकले उस विशाल विस्फोट का नतीजा था, जिसमें अरबों टन आवेशित कण पृथ्वी की ओर फेंके गए। इन कणों ने पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर पर सीधा वार किया और इसे जोरदार तरीके से झकझोर दिया। मात्र नौ घंटों में प्लाज्मास्फीयर 80 प्रतिशत तक दब गया, जिससे पृथ्वी की स्पेस-शील्ड लगभग निचोड़ दी गई।