व्यापार: बीते एक दशक में भ्रष्टाचार, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कार्रवाई में तेजी आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई में छापों की संख्या और नकदी की बरामदगी में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सरकार की ओर से संसद में दी गई जानकारी और ईडी के आंकड़ों के अनुसार, मई 2014 से अगस्त 2025 तक जांच एजेंसी ने देशभर में 4,500 से छापे की कार्रवाई की। इन छापों में 9,500 करोड़ रुपये से अधिक की रिकार्ड नकदी बरामद की गई। हालांकि तथ्य यह भी है कि ईडी अपनी कार्रवाई को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। विपक्ष का दावा है कि ज्यादातर कार्रवाई सियासी उद्देश्यों से विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ होती है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट भी तौर-तरीकों पर फटकार लगाते हुए यहां तक कह चुका है कि ईडी अपनी सीमाएं लांघ रहा है।
