मुंबई । बालीवुड एक्ट्रेस सई मांजरेकर का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल व्यस्त रहना या कैलेंडर भरना नहीं है, बल्कि उन प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना है जो उन्हें दिल से खुशी दें और उनके अभिनय कौशल को निखारें। एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने कम उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। उनका मानना है कि कलाकार को ऐसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा होना चाहिए, जो न केवल रचनात्मक संतुष्टि दें बल्कि भीतर के कलाकार को भी चुनौती दें। सई मांजरेकर ने कहा कि इस समय वह केवल उन्हीं कहानियों और किरदारों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं जिनसे उन्हें सच में जुड़ाव महसूस हो। वह चाहती हैं कि उन्हें ऐसे अवसर मिलें जो उनकी कला को परखें और उन्हें कुछ नया और अनोखा करने की आजादी दें।
उनके अनुसार जब कोई कलाकार जुनून और लगन से काम करता है तो उसका असर पर्दे पर साफ दिखता है। यही वजह है कि वह जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहतीं और सही मौके का इंतजार कर रही हैं। सई ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2012 में मराठी फिल्म काक्षपर्श से की थी, जिसमें उन्होंने खुशी दामले का छोटा सा किरदार निभाया था। इसके बाद साल 2019 में वह सलमान खान अभिनीत फिल्म दबंग 3 में खुशी चौटाला के रूप में नजर आईं, जिसने उन्हें बॉलीवुड में पहचान दिलाई। साल 2020 में वह अभिनेता आयुष शर्मा के साथ गाने मंझा के म्यूजिक वीडियो में दिखाई दीं।
इसके बाद 2022 में उन्होंने तेलुगु फिल्म घनी से साउथ इंडस्ट्री में कदम रखा, हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। उसी साल वह तेलुगु-हिंदी द्विभाषी फिल्म मेजर में भी नजर आईं, जिसमें उन्होंने शहीद संदीप उन्नीकृष्णन की प्रेमिका ईशा अग्रवाल का किरदार निभाया। हाल ही में सई मांजरेकर को गुरु रंधावा के साथ फिल्म कुछ खट्टा हो जाए में देखा गया। सई का मानना है कि करियर की लंबी दौड़ में वही प्रोजेक्ट्स मायने रखते हैं जो कलाकार को रचनात्मक संतुष्टि दें।
