गिलगित-बाल्टिस्तान में भीषण बाढ़ से आई तबाही…. 300 से ज़्यादा घर और कई दुकानें बह गई

गिलगित-बाल्टिस्तान में भीषण बाढ़ से आई तबाही…. 300 से ज़्यादा घर और कई दुकानें बह गई

क्वेटा। पाकिस्तान के कब्ज़े वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) के घिज़र ज़िले में एक ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी हिमनद झील विस्फोट से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण 300 से ज़्यादा घर और कई दुकानें तबाह हो गईं। यह घटना शुक्रवार तड़के हुई, जिससे रौशन और तिल्दास जैसे कई गाँव बुरी तरह प्रभावित हुए।
जानकारी के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र में घिज़र ज़िले के तिल्दास, मिदुरी, मुलाबाद, हॉक्स थांगी, रौशन और गोथ गाँव। बाढ़ से करीब 330 घर और कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। रौशन गाँव का 80 प्रतिशत हिस्सा इस भयावक बाढ़ में बह गया। इस बाढ़ के कारण 7 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी एक कृत्रिम झील बन गई, जिसने कृषि भूमि को जलमग्न कर दिया और सड़क नेटवर्क के कई हिस्सों को बहा दिया। अधिकारियों ने लगभग 200 लोगों को सुरक्षित निकाला है। हालाँकि, अभी तक किसी भी जान-माल के नुकसान की कोई ख़बर नहीं है। विस्थापित परिवारों के लिए टेंट, खाद्य सामग्री और अन्य ज़रूरी सामान की तुरंत आवश्यकता है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, अस्थायी झील का जलस्तर कम हो रहा है, जिससे आगे के नुकसान की आशंका कम हो गई है।
इस घटना के बाद, पाकिस्तान मौसम विभाग ने गिलगित-बाल्टिस्तान के पहाड़ी क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है, क्योंकि शनिवार, 23 अगस्त से और बारिश का पूर्वानुमान है। यह भी चेतावनी दी गई है कि रौशन गाँव में बना प्राकृतिक बाँध अभी भी अस्थिर है और दबाव के कारण टूट सकता है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस तरह की चार घटनाओं से गिलगित-बाल्टिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में घरों, फसलों और महत्वपूर्ण सड़कों को पहले भी भारी नुकसान पहुँचा है।
बाढ़ और भूस्खलन से तिल्दास, मिदुरी, मुलाबाद, हॉक्स थांगी, रौशन और गोथ गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 330 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है और दर्जनों दुकानों के ध्वस्त होने की पुष्टि की गई है। गिजर के वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि हालांकि स्पिलवे खुलने से बड़ी तबाही टली है, लेकिन कई ऊंचाई पर बने मकान अब भी पानी में डूबे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी को पूरी तरह से निकलने में अभी और समय लगेगा।
इस बीच पाकिस्तान मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में बारिश की चेतावनी जारी करते हुए हिमालयी क्षेत्रों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया है। विभाग ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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