अलास्का। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बीमारियों को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा होती रही है। उन्हे क्या बीमारी है इसकी किसी को भनक न लगे, इसका पूरा ख्याल रखा जाता है। हाल ही में मीटिंग के लिए अलास्का पहुंचे पुतिन का ह्यूमन वेस्ट भी सुरक्षाकर्मियों ने वहां नहीं छोड़ा और पूप सूटकेस में उसे भरकर लाए।
जब भी रूसी राष्ट्रपति विदेश दौरे पर होते हैं तो उनके बॉडी गार्ड के पास पूप सूटकेस होता है। बॉडी गार्ड उनके वेस्ट को वापस रूस ले जाते हैं। 2007 के बाद पहली बार था जब किसी रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका का दौरा किया था। ऐसे में उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। चारों ओर उनके बॉडीगार्ड्स तैनात थे। इसके अलावा खुफिया एजेंसियां लंबे समय से उनकी यात्रा की तैयारियों में जुटी थीं। इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट रेजिस जेंट और मिखाइल रूबिन का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा कि रूसी राष्ट्रपति की फेडरल प्रोटेक्शन सर्विस (एफपीएस) उनके ह्यूमन वेस्ट को इकट्ठा कर लेती हैं। इसे एक स्पेशल बैग में रखा जाता है और वापस रूस भेज दिया जाता है।
साल 2017 में राष्ट्रपति पुतिन ने फ्रांस का दौरा किया था। उस दौरान भी इस तरह की रिपोर्ट छपी थी। पुतिन को डर रहता है कि विदेशी ताकतें उनके वेस्ट सैंपल से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल कर सकती हैं। विएना दौरे के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने पोर्टेबल टॉइलेट का इस्तेमाल किया था। बताया गया कि साल 1999 में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद से ही राष्ट्रपति पुतिन के लिए यह प्रोटोकॉल तैयार कर दिया गया था।बीते साल नवंबर में कजाखस्तान के अस्ताना में राष्ट्रपति पुतिन अपने पैर झटकते नजर आए थे। इसके अलावा कई बार ऐसी खबरें भी सामने आईं जिसमें उनको खून की उल्टियां होने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें पर्किंसन जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी हो सकती है। साल 2023 में बेलारूस के राष्ट्रपति अलेग्जेंडर लुकाशेंको से चर्चा के दौरान भी उन्हें झटका आया था।
