सतपुड़ा की पावन धरा पर बसा एक ऐसा तीर्थ, जहां भगवान शिव का वास है। पचमढ़ी – महादेव की दूसरी नगरी, जहां हर कण में शिव की भक्ति का रस घुला है। आज हम आपको ले चलेंगे एक ऐसी यात्रा पर, जो मध्य प्रदेश के अमरनाथ के रूप में जानी जाती है – नागद्वार की यात्रा।
घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और गहरी खाइयों के बीच छिपा यह रहस्यमयी मंदिर, साल में केवल दस दिन ही भक्तों के दर्शन के लिए खुलता है। सात दुर्गम पहाड़ियों को पार कर, 20 किलोमीटर की कठिन यात्रा के बाद भक्त इस दिव्य स्थल तक पहुंचते हैं। हर साल श्रावण मास में, लाखों श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के साथ इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनते हैं।
यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था की एक ऐसी परीक्षा है, जहां हर कदम पर प्रकृति की चुनौतियां और भगवान शिव का आशीर्वाद साथ चलता है। आइए, चलते हैं इस अद्भुत यात्रा पर, जहां हर मोड़ पर आध्यात्म का नया द्वार खुलता है। इस साल यात्रा 19 जुलाई से शुरू हो गई है, जो 29 जुलाई तक चलेगी। यात्रा में देशभर से करीब 5,6 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।