Google Analytics Meta Pixel

72 भारतीय श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के श्री कटासराज धाम के लिए हुआ रवाना




अमृतसर। श्री दुर्ग्याणा तीर्थ अमृतसर से वीरवार को 72 हिंदू यात्रियों का जत्था पाकिस्तान स्थित भगवान शिव भोलेनाथ की पावन धरती श्री कटास राज धाम के दर्शनों के लिए रवाना हुआ।

जत्थे के साथ झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य कई प्रदेशों से आए शिव भक्त पाकिस्तान गए। शिव शक्ति सेवा परिवार टाटानगर के प्रधान विजय कुमार के नेतृत्व में जाने वाले जत्थे को श्री दुर्ग्याणा कमेटी की अध्यक्ष प्रोफेसर लक्ष्मीकांता चावला ने शिव भोलेनाथ के जयकारों के साथ रवाना किया।

उन्होंने कहा कि भारत व पाकिस्तान की सरकार को श्री कटासराज के दर्शन के लिए 100-200 की बजाय हजारों की संख्या में वीजा देने की व्यवस्था करनी चाहिए। श्री कटासराज धाम को जाने वाले शिव भक्त अपने साथ पूजा सामग्री के लिए दूध, दही, पंचामृत के समान बिल्वपत्र, धूप, अगरबत्ती आदि सामान साथ लेकर गए हैं।

पहली बार दर्शन के लिए जा रहीं लखनऊ की अर्चना शुक्ला अपने साथ पीतल की ज्योति और पूजा सामान लेकर गईं। टाटानगर के पंडित दिवाकर पांडे ने कहा कि वह अपने साथ भगवान शिव की पावन धरती पर रूद्राक्ष,लाल चंदन,तुलसी व आंवला का पौधा लगाने के लिए ले जा रहे हैं।

वीजा न लगने पर कईयों को लौटना पड़ा जत्थे का नेतृत्व कर रहे विजय कुमार शर्मा ने कहा कि इस बार 116 यात्रियों का वीजा लगाने के लिए भेजा गया था। इसमें से 34 लोगों का वीजा नहीं लगा। कुल 82 लोगों का वीजा मिला है, जिसमें 10 लोग नहीं आए हैं। इस जत्थे के साथ 72 लोग पाकिस्तान जा रहे हैं।

वीजा न मिलने के कारण बिहार से आए अजीत कुमार तथा उनकी माता शांति देवी ने कहा कि उनको रास्ते में पता चला था कि उनका वीजा नहीं आया है, जिससे काफी निराशा हुई। वह अपने साथ पौधे लेकर आए थे, जो कि उन्होंने अब जत्थे में जाने वाले भक्तों को दे दिए हैं।

इस तरह महाराष्ट्र से पहुंचे कस्तूरी पुजारी, जय देवी, श्रुति भी वीजा न मिलने के कारण जत्थे के साथ नहीं जा सके। मध्य प्रदेश से आए हरिश्चंद्र प्रजापति, राजस्थान से मुकेश कुमार, दिल्ली से रोहित चोपड़ा व सुनीता, गुजरात राजकोट से ममता, बिहार से हेमचंद झा ने कहा कि वह 20 दिसंबर को कटासराज धाम के दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। 21 दिसंबर को महादेव के दर्शन करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *