नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की कड़ी में दो और माओवादियों ने अपना शस्त्र त्याग कर आम आदमी की तरह जीवन व्यतीत करने खुद को कबीरधाम पुलिस के हवाले कर दिया। इन दोनों नक्सलियों पर 15 लाख और 10 लाख रुपए का ईनाम है।
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान और पुनर्वास नीति के तहत प्रदेश के बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं। चूंकि अब छत्तीसगढ़ में सिस्टम चल रहा है कि आत्मसमर्पण या मुठभेड़। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसर्पण कर रहे हैं।