नई दिल्ली: भारत के चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने रविवार को कहा कि निचली अदालतों में जमानत मिलने में दिक्कत आ रही है, खासकर गंभीर अपराधों के मामलों में। उन्होंने कहा कि कई बार जज शक होने पर भी रिस्क नहीं लेना चाहते और जमानत देने से बचते हैं। CJI चंद्रचूड़ ने जोर देकर कहा कि हर केस अलग होता है और जजों को अपनी समझ और विवेक का इस्तेमाल करके फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों को निचली अदालतों से जमानत मिलनी चाहिए, उन्हें वहां जमानत नहीं मिल रही है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें हमेशा उच्च न्यायालयों का रुख करना पड़ता है।’ उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों को उच्च न्यायालयों से जमानत मिलनी चाहिए, जरूरी नहीं कि उन्हें जमानत मिल जाए और इस कारण उन्हें उच्चतम न्यायालय का रुख करना पड़ता है। यह देरी उन लोगों की समस्या को और बढ़ा देती है जो मनमाने तरीके से गिरफ्तारियों का सामना कर रहे हैं।’