नई दिल्ली: बजट पेश होने से पहले सबसे अधिक चर्चा थी कि क्या बिहार को इस बार विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा। आंध्र प्रदेश के लिए क्या किसी स्पेशल पैकेज का ऐलान होगा। इन सवालों के बीच सत्र के पहले ही दिन सरकार की ओर से क्लियर कर दिया गया कि विशेष राज्य का दर्जा बिहार को देने का कोई मामला ही नहीं बनता। सरकार की ओर से 2012 में तैयार एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सोमवार को कहा गया कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का कोई मामला नहीं बनता है। संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में एक सवाल के जरिए यह मुद्दा उठाया गया, वहीं राज्यसभा में आरजेडी के सांसद मनोज झा ने शून्यकाल में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज की मांग उठायी। संसद सत्र से एक दिन पहले हुई सर्वदलीय बैठक में भी बीजेपी के सहयोगी दलों ने बिहार को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग की थी। अब इस पूरे मसले पर जैसे ही सरकार का जवाब आया विपक्षी दलों को बीजेपी के सहयोगी दलों खासकर जेडीयू पर निशाना साधने का मौका मिल गया।