नई दिल्ली: पश्चिमी देशों और चीन के बीच इलेक्ट्रिक कारों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने चीन की ऑटो कंपनी बीवाईडी में अपनी हिस्सेदारी और कम कर दी है। 11 जून को उसने चीनी कंपनी के 13.5 लाख शेयर बेच दिए। इस तरह बीवाईडी में हैथवे की हिस्सेदारी अब 7.02 फीसदी से घटकर 6.9 फीसदी रह गई है। पिछले 10 महीने में हैथवे ने पहली बार बीवाईडी के शेयर बेचे हैं। लेकिन अगस्त 2022 के बाद वह 14 बार चीन कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम कर चुकी है। ग्लोबल ईवी मार्केट में चीन एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है। इसकी वजह यह है कि चीन की सरकार अपनी कंपनियों को भारी सब्सिडी दे रही है। इस कारण चीन की कंपनियां सस्ती कीमत पर दुनियाभर में ईवी बेच रही हैं।