रायपुर: छत्तीसगढ़ में चुनावी बयार पूरे जोरों पर है। राज्य की 11 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस में सीधी टक्कर है। लगभग ढाई दशक पहले आस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद अगर लोकसभा चुनाव का इतिहास देखें तो यहां हर चुनाव में बीजेपी का पलड़ा भारी रहा है। 2004 में राज्य के गठन के बाद हुए आम चुनाव से लेकर 2014 तक सभी तीनों चुनाव में राज्य की 11 सीटों में से 10 सीटों पर बीजेपी जीतती रही है। पहली बार महासमुंद की सीट राज्य के पहले मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व नेता अजीत जोगी, दूसरी बार कोरबा की सीट यूपीए सरकार में पूर्व मंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने निकाली। 2014 में अकेले कांग्रेस नेता ताम्रध्वज साहू दुर्ग सीट से जीते।
वहीं, 2019 में पहली बार पहले कांग्रेस ने राज्य में अपना प्रदर्शन सुधारते हुए दो सीटें जीतीं। कांग्रेस को कोरबा और बस्तर से जीत का रास्ता मिला। राज्य की छह लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिन पर आजतक बीजेपी कभी नहीं हारी। बीजेपी का अभेद्य गढ़ कही जाने वाली सीटों में रायपुर, कांकेर, सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर चांपा और राजनांदगांद की सीट शामिल है। मौजूदा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी दोनों की ही निगाहें इन छह सीटों पर है।