नक्सलियों की गतिविधियों पर फोर्स पिछले एक सप्ताह से यूएवी के द्वारा नजर रखे हुए थी। यूएवी से मिले वीडियो और तस्वीरों के बाद इस इलाके में ऑपरेशन का प्लान बनाया गया।
बस्तर में अब फोर्स नक्सलियों के कोर इलाके को टारगेट कर हमले के लिए नक्सलियों का ही पैंतरा अपना रही है। इसे कहते हैं JKT फार्मूला या जस का तस फार्मूला। इस फॉर्मूले का मतलब है दुश्मन को उसी की रणनीति से हराने का तरीका। इसे रणनीतिकार अंग्रेजी में टिट फॉर टैट भी कहते हैं। इसके तहत जवान पहले नक्सलियों की रेकी करते है फिर उनके मुखबिर को साधते हैं और अनुकूल समय में उनपर हमला बोलते हैं। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद फोर्स की रणनीति में यह बदलाव आया है।
कोरचोली-लेंड्रा मुठभेड़ में फोर्स को मिली यह सफलता नई रणनीति का ही परिणाम है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में फोर्स नक्सलियों पर ऐसे हमले और तेज करेगी। इस मुठभेड़ में फोर्स ने यूएवी का भी सहारा लिया। कई दिनों तक नक्सलियों की रेकी की गई र्और जब फोर्स ने हमला बोला तो नक्सली भी चौंक गए, उन्हें जब तक समझ में आता तब तक काफी देर हो गई थी, वे घिर चुके थे। यह है बस्तर में फोर्स के नक्सलियों पर किए गए अब तक के सबसे बड़े हमले की इनसाइड स्टोरी।