कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से 75 किलोमीटर की दूरी पर आने वाले 24 उत्तरी परगना जिले का संदेशखाली सियासत का गढ़ बन गया। इलाके में टीएमसी नेताओं द्वारा 2011 से यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद सियासत गरमा गई है। NCSC (राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग) ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की है तो वहीं बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं को संदेशखाली जाने से रोके जाने पर दिल्ली तक सियासत गर्म है। संदेशखाली पर जारी सियासत की बीच नए आरोप सामने आए हैं। इसमें कहा जा रहा है कि संदेशखाली में टीएमसी का दफ्तर ही शोषण का केंद्र था।
