नोएडा: आम्रपाली के प्रॉजेक्टों में साढ़े चार साल में केवल 5 हजार लोगों को फ्लैट मिल पाए हैं। इस समय 10 हजार फ्लैट तैयार पड़े हुए हैं लेकिन लोगों को हैंडओवर नहीं हो रहे। जिनके फ्लैट हैं वे धक्के खा रहे हैं। बायर्स डॉक्युमेंट लेकर बार-बार कोर्ट रिसीवर के कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी फाइल एक से दूसरी टेबल पर घूम रही है। प्रॉजेक्टों में 38 हजार बायर्स को फ्लैट दिए जाने हैं। जिनमें करीब 1500 बायर्स को डिफाल्टर लिस्ट में डाल दिया गय़ा है लेकिन लोगों की दिक्कत यह है कि जो डिफॉल्टर नहीं हैं, उनके फ्लैट भी हैंडओवर किए जाने की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि कई लोग दो-तीन साल से चक्कर काट रहे हैं। जिनके मामलों में विवाद है, उनका निस्तारण भी नहीं हो रहा है।