अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने यमन में हूतियों के ठिकानों पर अमेरिका और ब्रिटेन के हमलों की निंदा की। उन्होंने इस हमलों को असंगत बताते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका और ब्रिटेन लाल सागर को खून के समुद्र में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। तुर्की नाटो सदस्य देश है, जिसका सबसे बड़ा भागीदार अमेरिका है। इसके बावजूद तुर्की के नाटो के सबसे बड़े दुश्मन रूस के साथ नजदीकी रिश्ते हैं। इतना ही नहीं, तुर्की शुरू से ही हमास के खिलाफ इजरायल के सैन्य कार्रवाई की तुलना नरसंहार से की है। उसने गाजा युद्ध में पश्चिमी देशों के इजरायल के समर्थन की भी आलोचना की है। एर्दोगन ने तो इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तुलना हिटलर से की है।
