मुंबई: महाराष्ट्र में जिस फैसले से राजनीतिक भूचाल आने की अटकलें लग रही थीं। वैसा कुछ नहीं हुआ। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर जो खुद एक वकील भी हैं। उन्होंने शिवसेना के 16 विधायकों की अयोग्यता के फैसले में जहां मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बड़ी राहत मिली तो वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे को कोई सीधा नुकसान नहीं हुआ। नार्वेकर ने शिंदे के साथ पहली बार में गए 16 विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराया, तो दूसरी तरफ से उन्होंने उद्धव गुट के विधायकों को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की। नार्वेकर ने अपने फैसले को पार्टी के संविधान, नेतृत्व और बहुमत के तीन स्तंभों पर रखा। उन्होंने मोटे तौर पर एक संतुलित फैसले से तमाम उथल-पुथल को टाल दिया।
