पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जांच एजेंसियां तो उसके खिलाफ ऑपरेशन ऑक्टोपस चला ही रही हैं, सरकार ने भी संगठन पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है। यह फैसला पार्लियामेंट के विंटर सेशन तक लिया जा सकता है। संसद सत्र नवंबर या दिसंबर में शुरू होगा।
PFI पर टेरर फंडिंग से देश के कई शहरों में दंगे फैलाने और हत्याओं का आरोप है। केंद्र सरकार इसे प्रतिबंधित करने से पहले संगठन के बड़े पदाधिकारियों पर शिकंजा कसना चाह रही है। वह उनके फाइनेंशियल सोर्स ब्लॉक करना चाहती है। यही वजह है कि NIA के साथ ED भी इस रेड में शामिल है।
केंद्रीय जांच एजेंसी से जुड़े सूत्र ने बताया कि सिर्फ देश ही नहीं, मिडिल ईस्ट देशों में भी सुरक्षा एजेंसी एक्टिव हैं। आने वाले वक्त में ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत विदेशों से भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक, सभी जांच एजेंसियां कई महीने से एक्शन प्लान पर तैयारी कर रही थीं।