चीन के राष्ट्रपति के रूप में शी जिनपिंग की तीसरी बार ताजपोशी के लिए अक्टूबर में कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक बुलाई गई है। कोरोना काल, मानवाधिकारों के मामलों और विस्तारवादी के रूप में चीन अपनी नकारात्मक छवि को बदलने के लिए सभी पैंतरे आजमा रहा है। अमेरिकी फ्री स्पीच थिंक टैंक ‘फ्रीडम हाउस’ की रिपोर्ट के मुताबिक 30 लोकतांत्रिक देशों में 18 देश ऐसे हैं, जिनके मीडिया पर जिनपिंग की इमेज सुधारने के लिए चीन ने दबाव बनाया। इनमें ज्यादातर अफ्रीकी देश हैं।
इन 18 देशों में सोशल मीडिया, पत्रकार और मीडिया संस्थानों को चीन के पक्ष में लिखने और माहौल बनाने के लिए कहा गया। राष्ट्रपति जिनपिंग के इस मीडिया मैनेजमेंट के लिए चीन सरकार की ओर से 75 लाख करोड़ रुपए का स्पेशल फंड भी जारी किया गया है। इस स्पेशल फंड से कुछ देशों में निवेश की घोषणा भी की जाती है।