झारखंड संकट पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, वहां डर तो इसी बात का है कि भाजपा थैला लेकर खरीदने की कोशिश कर रही है। ईडी और आईटी से डराने का भी प्रयास हाे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, विधायकों को कोई शौक नहीं है कि काम छोड़कर यहां बैठे हैं।
रायपुर में पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, इस मामले में सबसे पहली बात यह कि चुनाव आयोग की चिट्ठी आई है कि नहीं आई है। अगर वह चिट्ठी आई है तो राज्यपाल उसे रोके क्यों हैं। अगर नहीं आई है तो स्पष्ट करें। आया है तो उसे ओपन क्यों नहीं किया जाना चाहिए। इसका मतलब है कि आप हॉर्स ट्रेडिंग करना चाहते हैं। ताकि चिट्ठी खुले उसके पहले सब खरीद-फरोख्त कर लें। रमन सिंह को और भाजपा को यह कर पाने में सफलता नहीं मिली इसलिए कह रहे हैं कि माथा शर्म से झुक गया। वे खरीद-फरोख्त कर लेते तो उनका सिर ऊंचा हो जाता। यह पूछे जाने पर कि सत्ताधारी दल होने के बाद भी झारखंड में क्या डर है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- डर तो यही है ना कि भारतीय जनता पार्टी थैला लेकर खड़ी है। खरीदने का प्रयास है, ईडी-आईटी से डराने का काम यही तो लगातार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ये विधायक भी इसीलिए आए हैं, नहीं तो उनको कोई शौक है।