एक तरफ जहां क्रिप्टो कंपनियों की संपत्तियों में गिरावट आ रही है, वहीं दूसरी तरफ इस इंडस्ट्री से जुड़ी कुछ कंपनियां मालामाल हो रही हैं। उत्तर कोरियाई हैकर्स समेत दुनियाभर के अपराधी लगातार क्रिप्टो इंडस्ट्री चलाने वाले सॉफ्टवेयर और इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहे हैं। इस साल हैकर्स ने डिजिटल एसेट प्रोटोकॉल में सेंधमारी करके लगभग 16 हजार करोड़ रुपए के क्रिप्टो एसेट्स चुरा लिए। ऐसे में इस कमजोरी को पहचान कर सुधार करने वाली साइट्स का बिजनेस लगातार बढ़ता जा रहा है।
कॉनसेन सिस नाम की कंपनी के पास 2020 में जहां 247 ऑडिट के अनुरोध थे, वहीं 2021 में यह कई गुना बढ़कर 1,161 हो गए। इस साल यह संख्या छह माह में ही पार हो गई है। क्रिप्टो कंपनियों में जहां छंटनी हो रही है, वहीं इन क्रिप्टो सिक्योरिटी कंपनियों में भर्तियों की तादाद बढ़ती जा रही है।
ओपन जेप्लिस कंपनी की वर्कफोर्स में इस साल 63% बढ़ोतरी
ओपन जेप्लिस नाम की कंपनी ने इस साल वर्कफोर्स में 63% बढ़ोतरी की है। एक क्रिप्टो रिक्रूटमेंट कंपनी के फाउंडर जेथ कोसेरियो के मुताबिक, एक अनुभवी ब्लॉक चेन ऑडिटर की सैलरी सालाना 3.2 करोड़ रुपए तक हो सकती है। इनकी सैलरी क्रिप्टो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के डेवलपर्स की तुलना में 20% तक अधिक हो सकती है।