कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन बॉल में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाली स्टार प्लेयर रूपा रानी तिर्की झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली हैं। जिस देश में क्रिकेट की पहुंच शहर और गांव-गांव तक हो, वहां लॉन बॉल के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है। कई तो इसे खेल के रूप में भी नहीं लेते।
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में जब भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हराया और फाइनल में पहुंची तब इस खेल के बारे में लोग जान सके। यहां तक कि टीम को पहुंचने में रूपा रानी तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। फाइनल में साउथ अफ्रीका के साथ मैच में रूपा तिर्की का नेतृत्व दिखा। वह 10 अगस्त को दिल्ली आएंगी। रूपा ने बर्मिंघम से फोन पर भास्कर वुमन से बात की। ये मैं हूं में आज रूपा रानी तिर्की की कहानी जानते हैं उन्हीं की जुबानी।
खेल पदाधिकारी के पद पर हैं रूपा रानी तिर्की
मेरा जन्म रांची में हुआ। रांची के राजा बंगला कंपाउंड सुजाता चौक में मेरा घर है। अभी झारखंड के ही रामगढ़ जिले में जिला खेल पदाधिकारी के रूप में पोस्टेड हूं। इसके पहले चाईबासा में इसी पद पर थी। चार महीने पहले जब मैं नेशनल कैंप में दिल्ली आई तभी मेरा ट्रांसफर किया गया। अभी मैंने वहां ज्वॉइन भी नहीं किया है।