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देशभक्ति का जज्बा, जुनून और खुद को सच साबित करने की कहानी

देशभक्ति का जज्बा, जुनून और खुद को सच साबित करने की कहानी

हमारे देश में ऐसी तमाम हस्तियां और विभूतियां हैं, जिनके बारे में हम तब जान-समझ पाते हैं, जब उन पर बायोपिक बनती है। अब तक खेल-जगत से लेकर मनोरंजन-जगत की तमाम हस्तियों पर फिल्में बन चुकी हैं। इसी क्रम में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन के जीवन पर कई भाषाओं में बायोपिक ‘रॉकेट्री: द नम्बि इफेक्ट’ फिल्म लेकर आर. माधवन आए हैं। इसका लेखन, निर्देशन, निर्माण और अभिनय भी उन्होंने किया है।

कैसी है फिल्म की कहानी?
यह इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन की बायोपिक फिल्म है, सो जाहिर-सी बात है कि यह उनके जीवन पर आधारित है। फिल्म की कहानी में नंबी के वैज्ञानिक बनने, विकास इंजन का आविष्कार करने और आगे चलकर उन पर लगे जासूसी के झूठे आरोप और इससे उनका परिवार दंगे-फसाद की चपेट में आकर किस तरह से प्रभावित होता है, वे खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए क्या-क्या करते हैं, यही पूरी कहानी है। कहानी की शुरुआत बैकड्राप यानी उनके परिवार पर अत्याचार से होती है। यह कहानी बड़े रोचक अंदाज में आर. माधवन ने बड़े पर्दे पर उतारी है।

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