गुजरात पुलिस ने एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ को अहमदाबाद मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया। पुलिस का आरोप है कि तीस्ता जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। दरअसल, पेशी के लिए ले जाते समय तीस्ता सीतलवाड़ ने विरोध करते हुए कहा कि वो क्रिमिनल नहीं हैं। रास्ते में कई बार वह यही कहती रहीं।
सीतलवाड़ को उनके मुंबई के घर से हिरासत में लिया गया था, उन्हें सांताक्रूज पुलिस स्टेशन लाया गया। इसके बाद गुजरात ATS शनिवार रात उन्हें अहमदाबाद लेकर आई। रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। गुजरात पुलिस ने तीस्ता के खिलाफ शनिवार को ही FIR दर्ज की।
फर्जी दस्तावेज बनाकर साजिश का आरोप
गुजरात दंगों के मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने तीस्ता सीतलवाड़, पूर्व IPS संजीव भट्ट और DGP आरबी श्रीकुमार के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाकर साजिश रचने का मामला दर्ज किया है। संजीव भट्ट पहले से जेल में हैं, जबकि तीस्ता और श्रीकुमार को अब गिरफ्तार किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- तीस्ता की भूमिका की जांच हो
सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने वाली SIT रिपोर्ट के खिलाफ याचिका को शुक्रवार यानी 24 जून को खारिज कर दिया था। यह याचिका जकिया जाफरी ने दाखिल की थी। जकिया जाफरी के पति एहसान जाफरी की इन दंगों में मौत हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जकिया की याचिका में मेरिट नहीं है।