रविवार को क्रैश हुए नेपाल की तारा एयरलाइसं का मलबा सोमवार को मिल गया। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, विमान में 19 पैसेंजर और 3 क्रू मेंबर्स थे। सभी 22 लोगों की मौत हो गई। इनके शव भी बरामद हो गए हैं। हालांकि, बर्फबारी और घने कोहरे के चलते नेपाल आर्मी के हेलिकॉप्टर इन शवों को काठमांडू नहीं पहुंचा पा रहे हैं। विमान में 4 भारतीय भी थे। नेपाल आर्मी की सर्च एंड रेस्क्यू टीम को मुस्तांग के सैनोसवेयर इलाके की पहाड़ी पर मलबा मिला है। एयरक्राफ्ट 43 साल पुराना था।
एयक्राफ्ट पहाड़ी से टकराया, लेकिन आग नहीं लगी
नेपाल की इंग्लिश न्यूज वेबसाइट, myrepublica ने क्रैश साइट पर सबसे पहले पहुंचने वाले स्थानीय नागरिक इंदा सिंह दाना से बातचीत की। दाना ने कहा- प्लेन का मलबा 100 मीटर इलाके में ही बिखरा था, लेकिन यहां पहुंचना बेहद मुश्किल रहा। एयरक्राफ्ट के मलबा देखकर ये साफ समझ आता है कि उसमें आग नहीं लगी थी, क्योंकि जलने के निशान कहीं नहीं हैं। वो साफ तौर पर किसी पहाड़ी से टकराया था। इलाके में बर्फबारी और घना कोहरा है। यहां से शव निकालना भी फिलहाल बेहद मुश्किल है। चूंकि, एयरक्राफ्ट क्रैश होने के दौरान आग नहीं लगी थी, लिहाजा हादसे का शिकार हुए सभी लोगों के चेहरे पहचाने जा सकते हैं।