सोनिया गांधी के आवास पर 10 दिनों तक चली लंबी एक्सरसाइज के बाद प्रशांत किशोर ने कांग्रेस में शामिल होने का ऑफर ठुकरा दिया है। प्रशांत ने प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि कांग्रेस को मेरी नहीं, अच्छी लीडरशिप और बड़े पैमाने पर बदलाव की जरूरत है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान PK के प्रेजेंटेशन से सहमत था और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने को भी तैयार था। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर इस बात के संकेत दिए। फिर सवाल ये है कि PK के कांग्रेस में शामिल होने पर आखिर पेंच कहां फंस गया?
1. डायरेक्ट सोनिया को रिपोर्ट पर सहमति नहीं
PK चाहते थे कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद वे सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को रिपोर्ट करें। प्रेजेंटेशन के बाद हाईकमान ने एक कमेटी बनाई और फिर एम्पावर्ड ग्रुप बनाने की घोषणा कर दी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने PK को इस ग्रुप में शामिल होकर काम करने का ऑफर दिया था, जिसे प्रशांत ने खारिज कर दिया।
2. चुनावी अलांयस और स्ट्रैटजी पर भी पेंच
प्रशांत किशोर ने अपने प्रेजेंटेशन में चुनावी अलांयस पर जोर दिया था। PK ने सुझाव दिया था कि कांग्रेस बिहार, यूपी, ओडिशा में एकला चलो और महाराष्ट्र, तमिलनाडु और बंगाल में गठबंधन करे। प्रशांत इस पूरी योजना को लीड करना चाहते थे।