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पश्चिमी देशों के खिलाफ पुतिन का इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी वॉर

पश्चिमी देशों के खिलाफ पुतिन का इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी वॉर

रूस और यूक्रेन जंग के बीच पुतिन ने पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए नई तरकीब निकाली है। रूसी अखबार रोजिस्काया गैजेटा की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने देश में इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट से जुड़े नियमों को कमजोर कर दिया है और पायरेसी को कानूनी तौर पर मंजूरी दे दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अब रूस पश्चिमी पेटेंट होल्डर्स के अनुमति के बिना उनकी वस्तुओं और सर्विसेस को कॉपी कर सकता है। वहीं, किसी भी देश की इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा) को राइट्स का पैसा दिए बिना इस्तेमाल कर सकता है। अब यहां दूसरे देशों की फिल्म, गेम, टीवी शो और साफ्टवेयर के लिए संबधित कंपनी या संस्था को भुगतान करना जरूरी नहीं होगा।

इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट होता क्या है?
इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट एक कानूनी अधिकार है जो किसी भी तकनीक, खोज, सेवा या डिजाइन को बनाने वाली कंपनी, संस्था या व्यक्ति को दिया जाता है ताकि कोई उसकी नकल नहीं कर सके। दूसरे शब्दों में कहें तो पेटेंट किसी भी कंपनी, संस्था या व्यक्ति को एकाधिकार देता है।

इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट के तहत आने वाली किसी भी वस्तु, डिजाइन या कॉपीराइट का उपयोग करने के लिए इससे जुड़ी संस्था या व्यक्ति को भुगतान करना होता है।

रूसी मंत्रालय की पहल पर हुआ फैसला
रूस की इकोनॉमिक डेवलपमेंट मिनिस्ट्री ने प्रतिबंधों से बचने के लिए इस हफ्ते की शुरुआत में पायरेसी कानून में छूट देने का प्रस्ताव रखा था। मिनिस्ट्री के मुताबिक, कई वस्तुओं और सर्विसेस के इंटलेक्चुल प्रॉपर्टी राइट्स से बैन हटाने की संभावना के बारे में विचार किया गया।

कहा गया कि इसमें उन वस्तुओं पर छूट दी जाएगी, जिसकी रूस में कमी है। यह पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से वस्तुओं और सेवाओं की कमी के प्रभाव को कम करेगा।

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