यूक्रेन के दो राज्यों को अलग देश घोषित करने के बाद रूस ने कीव में मौजूद अपनी एम्बेसी को खाली करना शुरू कर दिया है। रूस के खिलाफ रणनीति तय करने के लिए यूरोपीय यूनियन की गुरुवार को बेहद अहम मीटिंग होने जा रही है। वैसे खास बात यह है कि यही मीटिंग बेलारूस में होगी, जो पहले ही रूस के साथ है और रूसी फौज बेलारूस की धरती पर मौजूद है।
तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयब एर्दोआन ने बुधवार को फोन पर पुतिन से बातचीत की। एर्दोआन के ऑफिस से जारी बयान के मुताबिक- तुर्की ने पुतिन से कहा है कि जंग से कोई मसला हल नहीं होगा और हम यूक्रेन के खिलाफ उठाए किसी कदम का समर्थन नहीं करेंगे।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिका और यूरोपीय यूनियन उन लोगों पर शिकंजा कसने जा रही है, जो पुतिन के बेहद करीबी हैं। इनमें रूस के डिफेंस मिनिस्टर सर्गेई शोइग्यू और पुतिन के चीफ ऑफ स्टाफ एंटन वायनो शामिल हैं।
एम्बेसी खाली कर रहा रूस
यूक्रेन के दो राज्यों को अलग देश घोषित करने के बाद रूस ने कीव में मौजूद अपनी एम्बेसी को खाली करना शुरू कर दिया है। मंगलवार रात ही रूसी संसद ने प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन को दूसरे देशों में मिलिट्री एक्शन लेने के लिए हरी झंडी दी थी। रूस का झंडा भी यहां से उतारा जा रहा है। फिलहाल, इसे झुका दिया गया है। इस बात से समझा जा सकता है कि रूस अपनी एम्बेसी खाली करने के बाद यूक्रेन पर हमला कर सकता है।