भारत की महिलाओं में एनीमिया की समस्या बहुत आम है। इसे सरल भाषा में खून की कमी भी कहते हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS)-5 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 15 से 19 साल की 59.1% लड़कियों को खून की कमी है। वहीं 15 से 49 साल की 52.2% प्रेग्नेंट महिलाएं एनीमिया की चपेट में आती हैं।
एनीमिया होने की वजह
हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल्स (कोशिकाएं) होती हैं, जो शरीर के सभी हिस्सों तक खून को पहुंचाती हैं। जब इनकी मात्रा कम होने लगती है तब ऑक्सिजन की भी कमी होने लगती है। ऐसे में नया खून बनने में बाधा आती है। इसी समस्या को एनीमिया कहा जाता है।
एनीमिया होने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे शरीर में आयरन, विटामिन B12, फोलेट की कमी। इसके अलावा DNA में गड़बड़ी और बोन मैरो द्वारा नए रेड ब्लड सेल्स न बना पाना भी इसकी वजह हैं।
- थकान
- हाथ-पैर ठंडे होना
- सांस लेने में परेशानी
- त्वचा पीली होना
- कमजोरी
- चक्कर आना
- सिर दर्द
- दिल की धड़कन अनियमित होना
- हड्डियों, जोड़ों, पेट, सीने में दर्द