रिलायंस इंडस्ट्रीज अब ग्लोबल लेवल पर ब्लू हाइड्रोजन के सबसे मैन्युफैक्चरर बनना चाहता है। इसके लिए उसने अपने योजना के बारे में बताते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनिंग चलाने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए के प्लांट बनाएगा।
शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य
कंपनी ने अपने बयान में कहा जब तक ग्रीन हाइड्रोजन की लागत कम नहीं हो जाती तब तक रिलायंस भारत में मिनिमम इंक्रीमेंटल इन्वेशमेंट के साथ हाइड्रोजन इको सिस्टम स्थापित करने वाली पहली कंपनी होगी। हाइड्रोजन अभी तक का पता चलने वाले ईंधनों में सबसे स्वच्छ ईंधन है। उत्पादन के प्रोसेस के हिसाब से इसे हरा, नीला या ग्रे किया जा सकता है। रिलायंस ने 2035 तक अपने व्यवसायों के लिए पूरी तरह से शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और वह फिलहाल ब्लू हाइड्रोजन के उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है।
ब्लू हाइड्रोजन एक डॉलर प्रति किलोग्राम करने का लक्ष्य
अंबानी ने इस दशक के लास्ट तक एक डॉलर प्रति किलोग्राम की दर से हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करना चाहते है, जो कि आज के दाम के हिसाब से 60% नीचे है। पिछले महीने उन्होंने 75 बिलियन डॉलर रिनुवल इंफ्रास्टैक्चर के लिए निवेश की घोषणा की है।