पेगासस स्पाईवेयर से जासूसी किए जाने का मामला फिर से चर्चा में है। इस बार बात भारत की नहीं, बल्कि इजरायल की हो रही है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल की पुलिस पेगासस स्पाईवेयर से लोगों की जासूसी करती थी। इस रिपोर्ट को लेकर इजरायली प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट ने कहा है कि पुलिस पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। इनकी जांच कराई जाएगी।
बेनेट ने कहा कि पेगासस और इसके जैसे अन्य टूल्स आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और गंभीर अपराध से लड़ने के लिए अहम हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल इजरायली नागरिकों या अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों की जासूसी के लिए नहीं किया जा सकता। डिप्टी अटॉर्नी जनरल अमित मेरारी जांच कर रहे हैं। सरकार जल्द ही इस मामले में एक नए अधिकारी की भी नियुक्ति करेगी।
जांच के लिए आयोग बनाएगी इजरायल सरकार
इस बीच, इजरायल सरकार ने मामले की जांच के लिए आयोग बनाने की जानकारी दी। देश के लोक सुरक्षा मंत्री ओमेर बार लेव ने कहा- ‘यह आयोग इजरायल के सरकारी अधिकारियों, कारोबारियों और पूर्व-प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सहयोगियों के फोन हैक के लिए NSO के पेगासस स्पाईवेयर के दुरुपयोग की जांच करेगा।’
इनकी भी जासूसी किए जाने का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिनकी जासूसी कराई गई उनमें नेतन्याहू के बेटे अनवर, पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार टोपाज लुक और जोनाथन उरीच, बेजेक के पूर्व कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर शॉल एलोविच की पत्नी आइरिश एलोविच के अलावा वित्त, न्याय और परिवहन मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल – शाई बाबाद, केरेन टर्नर और एमी पामोर शामिल हैं।