जर्मनी में रहने वाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस ने कहा है कि महात्मा गांधी उनके पिता को राजनीति से दूर करना चाहते थे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता जीवित होते तो देश के विभाजन को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करते।’ उन्होंने इंडिया गेट पर नेताजी की प्रतिमा लगाने को स्वागत योग्य कदम बताया है। पढ़िए अनीता बोस से बातचीत के प्रमुख अंश:
सवाल: इंडिया गेट पर नेता जी की प्रतिमा लगाने पर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या है ?
जवाब: मैं बहुत खुश हूं कि भारत सरकार ने इंडिया गेट पर नेता जी की प्रतिमा लगाई है। यह स्वागत योग्य कदम है। एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की प्रतिमा लंबे समय बाद वहां लगाई गई है। अभी तो ये प्रतिमा होलोग्राम की है। वास्तविक प्रतिमा कैसी होगी, ये बाद में पता लगेगा।
सवाल: जहां नेता जी की प्रतिमा लगाई गई है, वहां अमर जवान ज्योति थी। कुछ राजनीतिक दल उसे हटाने का विरोध कर रहे है, आप क्या मानती है ?
जवाब: मैं प्रतिमा लगाने का स्वागत करती हूं। विरोध करने वालों से मैं यही कहूंगी कि अगर वे चाहते हैं कि प्रतिमा लगने वाली जगह हमेशा खाली रहे, तो उसका कोई विकल्प नहीं है। मेरा मानना है जो भी महान व्यक्ति इस स्थान के लिए उपयुक्त लगे, उसकी प्रतिमा लगा दी जाए। नेताजी के अलावा गांधीजी की प्रतिमा भी लगाई जा सकती है।